सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की जिम्मेवारी अब मात्र बच्चों को पढ़ाने या उनकी प्रतिभा निखारने की नहीं रह गई है। आए दिन इस तरह के आदेश जारी किये जाते हैं कि अध्यापकों को बच्चों को पढ़ाने के बजाए साहब के आदेश का पालन करने के लिए दौड़ लगानी पढ़ती है। अब एक आदेश जारी किया गया है कि हर अध्यापक को दस विद्यार्थियों का दाखिला करवाना होगा। इस आदेश में यह भी जोड़ा गया है कि जो अध्यापक दाखिला नहीं करवायेगा उसकी वार्षिक इंक्रीमेंट रोक दी जायेगी। ऐसे में जब कि करीब हर दो किलोमीटर में सरकारी स्कूल है। उसके बीच कई प्राइवेट स्कूल हैं। शहरों में तो फिर भी दाखिला करवाना संभव है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यहां एक-एक स्कूल में दस-दस अध्यापक हैं वह सौ विद्यार्थियों का दाखिला कहां से करवायेगे। जोनल शिक्षा अधिकारियों द्वारा सीइओ के आदेशानुसार निकाले गए इस आदेश से सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को चिता सता रही है कि वह कहां से इतने दाखिले करवायें।from Jagran Hindi News - jammu-and-kashmir:jammu https://ift.tt/2HpblIh
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