नजाकत नफासत की भाषा उर्दू में अब राम का व्यक्तित्व आकार लेगा। रामायण मंचित होगा। Þइमाम-ए-हिद रामजब उर्दू जबान में देश के 100 शहरों में मंचित होगी तब राम के नाम पर खोदी जा रही बांटने की खाई कुछ कम होगी। मंदिर-मस्जिद को लेकर सैकड़ों सालों से चल आ रहे विवाद के बीच एक संदेश निकलेगा राम किसी एक धर्म के नहीं राम तो सबके हैं। भारतीय संस्कृति में विविधता को जोड़ने वाली डोरी का नाम तो राम ही है।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city https://ift.tt/2zPlNTq
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