रांची दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) पर अक्सर झारखंड के हितों की उपेक्षा का आरोप लगता है। यह स्थिति तब है जब दामोदर घाटी निगम राज्य के संसाधनों का बड़े पैमाने पर उपयोग करता है। इसमें राज्य के मौजूदा जलाशयों का उपयोग बिजली उत्पादन में करना शुमार है। झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों का ज्यादा उपयोग करने की वजह से यह राजनीतिक मांग भी उठती है कि दामोदर घाटी निगम का मुख्यालय पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की बजाय रांची या धनबाद किया जाए। कोलकाता में मुख्यालय रहने की वजह से वहां के उद्यमियों को जो फायदा अथवा राहत मिलती है उससे झारखंड के उद्यमी वंचित रह जाते हैं।from Jagran Hindi News - jharkhand:ranchi http://bit.ly/2xbJaoW
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