चुनाव में हार-जीत तो लगी ही रहती है लेकिन उस पर मंथन या चितन की बजाए एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ने की परंपरा सुधार के स्थान पर स्थिति को और बिगाड़ देती है। ऐसा ही नजारा शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रखी गई एक बैठक में सामने आया। पंडित जवाहरलाल नेहरू के पुण्यतिथि समारोह की तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। गहमागहमी के साथ हाथापाई की नौबत भी आ गई और कार्यकर्ताओं ने नेताओं पर ही सवाल खड़े कर दिए।from Jagran Hindi News - delhi:new-delhi-city http://bit.ly/2HGar9f
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