वह जीवन में कभी बच्चे को जन्म ही नहीं देगी। नाटक में दर्शाया गया है कि एक नवविवीहिता से उसकी सास बेटे को जन्म देने के लिए कहती है। उसके आगे पीदे इस तरह का माहौल बन जाता है मानों अगर लड़का न हो तो क्या से क्या हो जाएगा। मौहल से तंग आ कर वह निर्णय लेती है कि वह किसी बच्चे को ही जन्म नहीं देगी। नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में तिलोत्तमा जम्वाल जगदीप दुबे तरूण शर्मा सविता खजूरिया आरना सपना सोनी शामिल थे। संगीत अरुण सलैन का था। लाइट डिजाइनिग पंकज शर्मा ने की। मेकअप राहुल कुमार शम्मी धमीर ने किया। वेशभूषा नवनीत वर्मा ने डिजाइन की। सेट राजेश्वर सिंह अमन नवनीत वर्मा ने डिजाइन कियाfrom Jagran Hindi News - jammu-and-kashmir:jammu https://ift.tt/2Jy372o
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