कोर्ट की कार्रवाई के दौरान मात्र आरोपी के मुंह से निकलने वाली शराब की गन्ध उसकी जमानत याचिका को रद्द करने का आधार नहीं हो सकती है। उपरोक्त टिप्पणी करते हुए न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि सत्र न्यायाधीश ने किस प्रावधान व कानून के अंतर्गत प्रार्थी की याचिका को रद्द कर दिया।from Jagran Hindi News - himachal-pradesh:shimla https://ift.tt/2ukPlFM
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