सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश में वन कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इस निर्णय को लेकर प्रदेश सरकार अपना पक्ष रखेगी। इस मामले में सरकार पहली अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तैयारी के साथ जाएगी। लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बावजूद मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्य सचिव बीके अग्रवाल सहित आला अधिकारियों को तलब किया था। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सरकार ने अपना पक्ष रखने का निर्णय लिया। प्रदेश में अधिकांश जमीन चाहे सरकारी है या लोगों की खाली जमीनें। पहले से वन भूमि घोषित हैं और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश के तहत प्रदेश में सरकारी व निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का पेड़ काटने को लेकर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए। जिसके चलते प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह से ठप होंगे।from Jagran Hindi News - himachal-pradesh:shimla https://ift.tt/2uggLN4
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